शादी के बाद सबसे पहला और सबसे जरूरी कानूनी दस्तावेज विवाह प्रमाण पत्र यानी Marriage Certificate होता है। पासपोर्ट बनवाना हो, वीजा के लिए आवेदन करना हो, बैंक खाते में पति या पत्नी का नाम जोड़ना हो, शादी के बाद नाम बदलवाना हो या सरकारी योजना में पति-पत्नी का संबंध साबित करना हो — हर जगह Marriage Certificate माँगा जाता है।
अच्छी खबर यह है कि अब Marriage Certificate Kaise Banaye की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन हो गई है। इस लेख में eonblog पर हम आपको विवाह प्रमाण पत्र बनवाने की पूरी जानकारी देंगे — दो तरीके, जरूरी दस्तावेज, राज्यवार फीस, Step-by-Step ऑनलाइन आवेदन, स्टेटस चेक और सर्टिफिकेट डाउनलोड का तरीका।
Marriage Certificate क्या है?
Marriage Certificate (विवाह प्रमाण पत्र) एक आधिकारिक सरकारी दस्तावेज है जो यह प्रमाणित करता है कि दो लोगों का विवाह कानूनी रूप से हुआ है। इसमें पति और पत्नी का नाम, विवाह की तारीख और स्थान, दोनों के माता-पिता का नाम और रजिस्ट्रेशन की तारीख दर्ज होती है। यह दस्तावेज Sub-Registrar या Marriage Registrar के कार्यालय से जारी होता है और इस पर रजिस्ट्रार के हस्ताक्षर और सरकारी मुहर होती है।
भारत में विवाह का रजिस्ट्रेशन अब अनिवार्य है। सुप्रीम कोर्ट ने Seema बनाम Ashwani Kumar (2006) मामले में सभी राज्यों को विवाह रजिस्ट्रेशन अनिवार्य करने का निर्देश दिया था। उत्तर प्रदेश में UP Marriage Registration Rules, 2017 के तहत राज्य में होने वाले सभी विवाहों का रजिस्ट्रेशन अनिवार्य है। इसलिए शादी के बाद Marriage Certificate बनवाना सिर्फ सुविधा नहीं, कानूनी जरूरत भी है।
Marriage Certificate क्यों जरूरी है?
Marriage Certificate सिर्फ एक कागज नहीं है, यह आपके वैवाहिक संबंध का कानूनी प्रमाण है। पासपोर्ट और वीजा के आवेदन में पति या पत्नी के विवरण के प्रमाण के रूप में यही दस्तावेज माँगा जाता है। शादी के बाद नाम बदलवाने के लिए — जैसे आधार कार्ड, पैन कार्ड, वोटर ID या बैंक खाते में — Marriage Certificate ही मुख्य प्रमाण होता है।
बीमा पॉलिसी में जीवनसाथी को नॉमिनी बनाने, पेंशन और उत्तराधिकार से जुड़े मामलों में भी यह काम आता है। विदेश में पति या पत्नी के साथ रहने के लिए Spouse Visa और सरकारी नौकरी में जीवनसाथी के नाम पर मिलने वाले लाभों के लिए भी यही दस्तावेज माँगा जाता है। इसलिए Marriage Certificate Kaise Banaye जानना हर नवविवाहित जोड़े के लिए जरूरी है।
Marriage Certificate बनवाने के दो तरीके
भारत में विवाह प्रमाण पत्र बनवाने के दो मुख्य तरीके हैं। पहला तरीका है Hindu Marriage Act, 1955 के तहत रजिस्ट्रेशन और दूसरा तरीका है Special Marriage Act, 1954 के तहत कोर्ट मैरिज। दोनों में फर्क समझना बहुत जरूरी है, क्योंकि गलत तरीका चुनने से आपका आवेदन खारिज हो सकता है।
Hindu Marriage Act, 1955 के तहत रजिस्ट्रेशन उन जोड़ों के लिए है जिनकी शादी पहले से ही धार्मिक रीति-रिवाज से हो चुकी है। इसमें आप शादी के बाद Sub-Registrar के पास जाकर अपने विवाह का रजिस्ट्रेशन करवाते हैं। इस तरीके में कोई 30 दिन का नोटिस नहीं देना होता और प्रमाण पत्र आमतौर पर 7 से 15 कार्य दिवसों में मिल जाता है। यह Act हिंदू, बौद्ध, जैन और सिख धर्म के लोगों पर लागू होता है।
Special Marriage Act, 1954 के तहत कोर्ट मैरिज उन जोड़ों के लिए है जो बिना धार्मिक समारोह के सिविल तरीके से शादी करना चाहते हैं। यह Act सभी धर्मों के लोगों पर लागू होता है और अंतर-धर्म या अंतर-जाति विवाह के लिए इसी का इस्तेमाल होता है। इसमें पहले 30 दिन का सार्वजनिक नोटिस देना होता है, फिर तय तारीख पर Sub-Registrar के कार्यालय में 3 गवाहों की मौजूदगी में विवाह संपन्न होता है। पूरी प्रक्रिया में 30 से 60 दिन लग सकते हैं।
दोनों तरीकों के अलावा ईसाई विवाह Indian Christian Marriage Act, 1872 और पारसी विवाह Parsi Marriage and Divorce Act, 1936 के तहत रजिस्टर होते हैं। अपनी स्थिति के हिसाब से सही Act चुनें — Marriage Certificate Kaise Banaye की प्रक्रिया में यही पहला और सबसे जरूरी फैसला है।
Marriage Certificate के लिए पात्रता
Marriage Certificate Kaise Banaye की प्रक्रिया शुरू करने से पहले पात्रता की शर्तें जरूर जाँच लें। दूल्हे की उम्र कम से कम 21 साल और दुल्हन की उम्र कम से कम 18 साल होनी चाहिए। दोनों में से कोई भी पहले से विवाहित नहीं होना चाहिए — अगर पहले विवाह हुआ था तो तलाक का डिक्री या पूर्व जीवनसाथी का मृत्यु प्रमाण पत्र देना होगा। दोनों को अपनी मर्जी से विवाह करना चाहिए, किसी भी तरह का दबाव नहीं होना चाहिए। Hindu Marriage Act के तहत दोनों हिंदू, बौद्ध, जैन या सिख होने चाहिए, जबकि Special Marriage Act के तहत धर्म की कोई शर्त नहीं है। विवाह उसी जिले में रजिस्टर होता है जहाँ शादी हुई हो या जहाँ पति या पत्नी में से कोई एक रहता हो।
Marriage Certificate के लिए जरूरी दस्तावेज
Marriage Certificate Kaise Banaye की प्रक्रिया में सबसे ज्यादा समय दस्तावेज जुटाने में लगता है। नीचे दिए गए दस्तावेज पहले से तैयार रख लें तो आवेदन एक ही बार में पूरा हो जाएगा।
- पति और पत्नी दोनों का आधार कार्ड — पहचान और पते के प्रमाण के रूप में। उत्तर प्रदेश में ऑनलाइन आवेदन आधार आधारित है, इसलिए दोनों का आधार कार्ड होना अनिवार्य है।
- उम्र का प्रमाण — जन्म प्रमाण पत्र, 10वीं की मार्कशीट, पासपोर्ट या पैन कार्ड में से कोई एक, जिसमें जन्म तिथि साफ दिख रही हो।
- पते का प्रमाण — आधार कार्ड, वोटर ID, पासपोर्ट, बिजली का बिल या राशन कार्ड।
- शादी का निमंत्रण पत्र — Wedding Card, जिसमें शादी की तारीख, स्थान और दोनों परिवारों के नाम हों।
- शादी की फोटो — फेरे, वरमाला या सिंदूर की रस्म की कम से कम एक साफ फोटो, जिसमें पति-पत्नी दोनों दिख रहे हों।
- पासपोर्ट साइज फोटो — पति और पत्नी की 2-2 फोटो।
- गवाहों के दस्तावेज — Hindu Marriage Act के लिए 2 गवाह और Special Marriage Act के लिए 3 गवाह, हर गवाह का आधार कार्ड या वोटर ID और 1 पासपोर्ट साइज फोटो। गवाह शादी में मौजूद रहे हों और पति-पत्नी को व्यक्तिगत रूप से जानते हों।
- शपथ पत्र — Affidavit, जिसमें शादी की तारीख और स्थान, दोनों के अविवाहित होने और कोई धोखा न होने की घोषणा हो। ज्यादातर राज्यों में यह 100 रुपये के स्टांप पेपर पर बनता है और पोर्टल पर इसका फॉर्मेट मिल जाता है।
ध्यान दें कि सभी दस्तावेजों की स्कैन कॉपी PDF या JPG फॉर्मेट में रखें और हर फाइल आमतौर पर 1 MB से छोटी होनी चाहिए। फोटो साफ और पढ़ने योग्य होनी चाहिए, धुंधली स्कैन कॉपी से आवेदन अटक सकता है।
Marriage Certificate Kaise Banaye — Online Apply Step-by-Step (UP)
उत्तर प्रदेश में विवाह का रजिस्ट्रेशन IGRSUP पोर्टल igrsup.gov.in और e-District पोर्टल edistrict.up.gov.in से होता है। Marriage Certificate Kaise Banaye की ऑनलाइन प्रक्रिया नीचे Step-by-Step दी गई है।
Step 1 — आधिकारिक पोर्टल खोलें और Marriage Registration का विकल्प चुनें। अपने मोबाइल या कंप्यूटर पर igrsup.gov.in खोलें। ध्यान रखें कि यही असली पोर्टल है — इससे मिलते-जुलते नाम वाली फर्जी वेबसाइटों से बचें।
Step 2 — आधार से वेरिफिकेशन करें। पति और पत्नी दोनों का आधार नंबर डालकर OTP से वेरिफिकेशन करें। UP में ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन आधार आधारित प्रक्रिया है।
Step 3 — आवेदन फॉर्म भरें। पति और पत्नी का पूरा नाम, जन्म तिथि, पता, माता-पिता का नाम, विवाह की तारीख और स्थान, विवाह का तरीका और गवाहों का विवरण सही-सही भरें।
Step 4 — दस्तावेज अपलोड करें। आधार कार्ड, उम्र का प्रमाण, पते का प्रमाण, शादी का कार्ड, शादी की फोटो और शपथ पत्र को PDF या JPG फॉर्मेट में अपलोड करें।
Step 5 — फीस का भुगतान करें। UP में शादी के 1 महीने के अंदर रजिस्ट्रेशन की फीस 10 रुपये है और 30 दिन के बाद 20 रुपये। e-District पोर्टल पर 15 रुपये का यूजर चार्ज भी लग सकता है। फीस का भुगतान UPI, नेट बैंकिंग या डेबिट कार्ड से ऑनलाइन करें।
Step 6 — अपॉइंटमेंट की तारीख चुनें। फॉर्म जमा करने के बाद अपने क्षेत्र के Sub-Registrar कार्यालय में जाने की तारीख और समय चुनें।
Step 7 — कार्यालय में उपस्थित हों। तय तारीख पर पति, पत्नी और दोनों गवाह अपने मूल दस्तावेजों के साथ Sub-Registrar कार्यालय जाएँ। रजिस्ट्रार दस्तावेजों की जाँच करके विवाह दर्ज करता है।
Step 8 — सर्टिफिकेट डाउनलोड करें। वेरिफिकेशन के बाद Marriage Certificate जारी हो जाता है। इसे IGRSUP पोर्टल से डाउनलोड किया जा सकता है। डिजिटल रूप से हस्ताक्षरित प्रमाण पत्र पर QR Code होता है।
दिल्ली में Marriage Certificate कैसे बनवाएँ
दिल्ली में विवाह रजिस्ट्रेशन e-District पोर्टल edistrict.delhigovt.nic.in से होता है। पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करके Marriage Registration का फॉर्म भरें, दस्तावेज अपलोड करें और फीस जमा करें — Hindu Marriage Act के तहत 100 रुपये और Special Marriage Act के तहत 150 रुपये। इसके बाद तय तारीख पर पति-पत्नी और गवाहों के साथ SDM कार्यालय जाएँ। दिल्ली में Hindu Marriage Act के तहत प्रमाण पत्र आमतौर पर 7 से 15 कार्य दिवसों में मिल जाता है, जबकि Special Marriage Act में 30 दिन का नोटिस पूरा होने के बाद 7 से 15 दिन और लगते हैं। Marriage Certificate Kaise Banaye की दिल्ली वाली प्रक्रिया भी UP जैसी ही है, सिर्फ पोर्टल और फीस अलग है। Marriage Certificate Kaise Banaye के लिए दिल्ली में यही प्रक्रिया अपनाएँ।
Special Marriage Act — Court Marriage की पूरी प्रक्रिया
अगर आप कोर्ट मैरिज करना चाहते हैं तो Special Marriage Act, 1954 की प्रक्रिया अपनानी होगी। पहले पति और पत्नी में से कोई एक, जिस जिले में रहता हो, वहाँ के Marriage Officer (Sub-Registrar) को 30 दिन का नोटिस देता है। नोटिस में दोनों का नाम, उम्र, पता और विवाह की इच्छा लिखी होती है। यह नोटिस कार्यालय के नोटिस बोर्ड पर 30 दिन तक सार्वजनिक रूप से लगा रहता है, ताकि कोई आपत्ति हो तो दर्ज कर सके।
30 दिन पूरे होने के बाद तय तारीख पर पति, पत्नी और 3 गवाह Marriage Officer के सामने उपस्थित होते हैं। वहाँ दोनों की सहमति से विवाह संपन्न होता है और उसी समय Marriage Certificate जारी कर दिया जाता है। इस प्रक्रिया में फीस आमतौर पर 100 से 500 रुपये के बीच होती है। Special Marriage Act के तहत शादी के लिए किसी धार्मिक समारोह की जरूरत नहीं होती और यह सभी धर्मों के लोगों के लिए खुला है। Marriage Certificate Kaise Banaye के लिए Court Marriage का यही तरीका है।
Marriage Certificate की फीस — राज्यवार
Marriage Certificate Kaise Banaye की फीस राज्य और Act के अनुसार अलग-अलग होती है। नीचे दी गई तालिका में प्रमुख राज्यों की फीस समझें, लेकिन आवेदन से पहले अपने राज्य के पोर्टल पर सटीक फीस जरूर जाँच लें।
- उत्तर प्रदेश — शादी के 1 महीने के अंदर 10 रुपये, 30 दिन के बाद 20 रुपये — देर से रजिस्ट्रेशन पर 1 साल तक 10 रुपये और उसके बाद हर साल 50 रुपये का अतिरिक्त शुल्क — पोर्टल igrsup.gov.in।
- दिल्ली — Hindu Marriage Act 100 रुपये, Special Marriage Act 150 रुपये — पोर्टल edistrict.delhigovt.nic.in।
- महाराष्ट्र — 100 से 500 रुपये — पोर्टल igrmaharashtra.gov.in।
- कर्नाटक — 100 से 500 रुपये — पोर्टल kaverionline.karnataka.gov.in।
- तमिलनाडु — 100 से 200 रुपये — पोर्टल tnreginet.net।
- आंध्र प्रदेश और तेलंगाना — MeeSeva के जरिए 200 से 500 रुपये — पोर्टल ap.meeseva.gov.in और ts.meeseva.telangana.gov.in।
ध्यान दें कि फीस के अलावा शपथ पत्र के लिए 100 रुपये का स्टांप पेपर और फोटोकॉपी का 100 से 200 रुपये का खर्च अलग से आ सकता है। कुछ राज्यों में तत्काल सेवा के लिए अधिक शुल्क लिया जाता है।
Marriage Certificate Status Check और Download कैसे करें?
आवेदन जमा करने के बाद उसका स्टेटस ऑनलाइन चेक किया जा सकता है। UP में igrsup.gov.in पोर्टल पर Track Application या Application Status के विकल्प पर जाएँ और अपना Application Number या Acknowledgement Number डालें। दिल्ली में edistrict.delhigovt.nic.in पर इसी तरह स्टेटस देखा जा सकता है। Marriage Certificate Kaise Banaye की प्रक्रिया में Application Number संभालकर रखना सबसे जरूरी है, क्योंकि इसी से स्टेटस और डाउनलोड दोनों होते हैं।
सर्टिफिकेट जारी होने के बाद उसे पोर्टल से PDF के रूप में डाउनलोड करें। डाउनलोड किया गया प्रमाण पत्र डिजिटल रूप से हस्ताक्षरित होता है और इस पर QR Code होता है, जिससे इसकी असली पहचान की जा सकती है। कई राज्यों में Marriage Certificate DigiLocker पर भी उपलब्ध होता है — DigiLocker ऐप या digilocker.gov.in पर लॉगिन करके Issued Documents में विवाह प्रमाण पत्र खोजें। Marriage Certificate Kaise Banaye के बाद Download भी इसी तरह करें।
Marriage Certificate में गलती सुधारना और Duplicate Certificate
Marriage Certificate Kaise Banaye के बाद अगर गलती हो तो सुधार भी संभव है। अगर Marriage Certificate में नाम या विवाह की तारीख में गलती छप गई है तो उसी Sub-Registrar कार्यालय में सुधार का आवेदन दें। छोटी-मोटी स्पेलिंग की गलती के लिए शपथ पत्र पर्याप्त होता है, जबकि बड़ी गलती के लिए सहायक प्रमाण भी माँगे जा सकते हैं। अगर सर्टिफिकेट खो गया है तो Duplicate Certificate के लिए ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है — रजिस्ट्रेशन नंबर और विवाह की तारीख भरकर निर्धारित शुल्क जमा करें, Duplicate Certificate आमतौर पर 7 से 15 कार्य दिवसों में जारी हो जाता है।
फर्जी वेबसाइटों और एजेंटों से सावधान रहें
Marriage Certificate के नाम पर इंटरनेट पर कई फर्जी वेबसाइटें और एजेंट चल रहे हैं जो सरकारी पोर्टल जैसी दिखती हैं। असली पोर्टल सिर्फ आपके राज्य का आधिकारिक पोर्टल है — जैसे UP के लिए igrsup.gov.in। सरकारी पोर्टल कभी भी WhatsApp या SMS पर भुगतान का लिंक नहीं भेजता। कोई भी शुल्क सिर्फ आधिकारिक पोर्टल पर ही जमा करें और किसी को भी अपना OTP, आधार नंबर या बैंक विवरण साझा न करें। कोई एजेंट अगर 5,000 से 10,000 रुपये में जल्दी सर्टिफिकेट दिलाने का वादा करे तो समझ जाएँ कि वह धोखा है — Marriage Certificate Kaise Banaye की सरकारी फीस सिर्फ 10 से 500 रुपये के बीच होती है।
ध्यान देने योग्य बातें
शादी के बाद जितनी जल्दी हो सके Marriage Certificate के लिए आवेदन करें — UP में 1 महीने के अंदर आवेदन सबसे सस्ता होता है, सिर्फ 10 रुपये में। देर करने पर न सिर्फ फीस बढ़ती है, बल्कि अतिरिक्त शुल्क और दस्तावेज भी लगते हैं। आवेदन भरते समय हर विवरण दो बार जाँचकर भरें, क्योंकि नाम या तारीख की गलती बाद में सुधरवाना लंबा काम हो सकता है। अपॉइंटमेंट की तारीख पर पति, पत्नी और गवाहों को मूल दस्तावेजों के साथ समय पर पहुँचना होता है। 2025 में उत्तर प्रदेश में विवाह रजिस्ट्रेशन की जाँच सख्त की गई है — कुछ जिलों में शादी का वीडियो या फोटो सबूत भी माँगा जा सकता है, इसलिए शादी की फोटो और वीडियो संभालकर रखें। Marriage Certificate Kaise Banaye की प्रक्रिया में जल्दी आवेदन करना सबसे फायदेमंद है।
महत्वपूर्ण लिंक
- IGRSUP UP — igrsup.gov.in — उत्तर प्रदेश में विवाह रजिस्ट्रेशन, स्टेटस चेक और सर्टिफिकेट डाउनलोड।
- UP e-District — edistrict.up.gov.in — उत्तर प्रदेश में विवाह प्रमाण पत्र के लिए राज्य पोर्टल।
- Delhi e-District — edistrict.delhigovt.nic.in — दिल्ली में विवाह रजिस्ट्रेशन के लिए पोर्टल।
- Maharashtra IGR — igrmaharashtra.gov.in — महाराष्ट्र में विवाह रजिस्ट्रेशन।
- Karnataka Kaveri Online — kaverionline.karnataka.gov.in — कर्नाटक में विवाह रजिस्ट्रेशन।
- Tamil Nadu Registration — tnreginet.net — तमिलनाडु में विवाह रजिस्ट्रेशन।
- DigiLocker — digilocker.gov.in — डिजिटल विवाह प्रमाण पत्र डाउनलोड और शेयर।
- Ministry of Law and Justice — lawmin.gov.in — Hindu Marriage Act और Special Marriage Act की आधिकारिक जानकारी।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
प्रश्न 1 — Marriage Certificate Kaise Banaye, ऑनलाइन आवेदन कहाँ से करें?
उत्तर — उत्तर प्रदेश में Marriage Certificate के लिए ऑनलाइन आवेदन IGRSUP पोर्टल igrsup.gov.in से करें। आधार से वेरिफिकेशन करके फॉर्म भरें, दस्तावेज अपलोड करें, फीस जमा करें और अपॉइंटमेंट की तारीख पर Sub-Registrar कार्यालय जाएँ।
प्रश्न 2 — Marriage Certificate बनवाने की फीस कितनी है?
उत्तर — फीस राज्य और Act के अनुसार अलग-अलग होती है। UP में शादी के 1 महीने के अंदर 10 रुपये और 30 दिन के बाद 20 रुपये। दिल्ली में Hindu Marriage Act के तहत 100 रुपये और Special Marriage Act के तहत 150 रुपये। शपथ पत्र के लिए 100 रुपये का स्टांप पेपर अलग से लगता है।
प्रश्न 3 — Marriage Certificate बनने में कितना समय लगता है?
उत्तर — Hindu Marriage Act के तहत रजिस्ट्रेशन में आमतौर पर 7 से 15 कार्य दिवस लगते हैं। Special Marriage Act के तहत 30 दिन का नोटिस पूरा होने के बाद 7 से 15 दिन और लगते हैं, यानी कुल 30 से 60 दिन।
प्रश्न 4 — क्या शादी के कई साल बाद भी Marriage Certificate बनवाया जा सकता है?
उत्तर — हाँ, शादी के कई साल बाद भी विवाह प्रमाण पत्र बनवाया जा सकता है। UP में देर से रजिस्ट्रेशन पर 1 साल तक 10 रुपये और उसके बाद हर साल 50 रुपये का अतिरिक्त शुल्क लगता है। शादी का कार्ड, फोटो और शपथ पत्र जैसे प्रमाण साथ रखने होंगे।
प्रश्न 5 — Marriage Certificate के लिए कितने गवाह चाहिए?
उत्तर — Hindu Marriage Act के तहत 2 गवाह चाहिए और Special Marriage Act के तहत 3 गवाह चाहिए। हर गवाह का आधार कार्ड या वोटर ID और 1 पासपोर्ट साइज फोटो लगता है। गवाह शादी में मौजूद रहे हों और पति-पत्नी को व्यक्तिगत रूप से जानते हों।
प्रश्न 6 — क्या Marriage Certificate DigiLocker से डाउनलोड किया जा सकता है?
उत्तर — हाँ, कई राज्यों में जारी किया गया Marriage Certificate DigiLocker पर उपलब्ध होता है। DigiLocker ऐप या digilocker.gov.in पर लॉगिन करके Issued Documents में विवाह प्रमाण पत्र खोजें। अगर आपका सर्टिफिकेट वहाँ उपलब्ध है तो उसे सीधे डाउनलोड या शेयर कर सकते हैं।
निष्कर्ष
Marriage Certificate आपके वैवाहिक जीवन का सबसे महत्वपूर्ण कानूनी दस्तावेज है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद भारत के सभी राज्यों में विवाह का रजिस्ट्रेशन अनिवार्य है, इसलिए शादी के बाद इसे बनवाना टालें नहीं। Hindu Marriage Act के तहत रजिस्ट्रेशन सबसे तेज और सस्ता तरीका है, जबकि बिना समारोह के शादी के लिए Special Marriage Act का रास्ता है। अपने राज्य के आधिकारिक पोर्टल — UP के लिए igrsup.gov.in — से घर बैठे ऑनलाइन आवेदन करें, दस्तावेज सही-सही भरें और Application Number संभालकर रखें। Marriage Certificate Kaise Banaye की पूरी प्रक्रिया ऊपर बताई गई है — अगर आपकी शादी हाल ही में हुई है तो आज ही आवेदन की प्रक्रिया शुरू करें।