अपना पक्का घर हर भारतीय परिवार का सबसे बड़ा सपना होता है। इसी सपने को पूरा करने के लिए केंद्र सरकार ने PM Aavas Yojana शुरू की है, जिसके तहत शहर और गाँव दोनों में रहने वाले गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों को पक्का मकान बनाने या खरीदने में मदद दी जाती है। इस लेख में eonblog पर हम आपको PM Aavas Yojana 2026 की पूरी जानकारी दे रहे हैं — PM Aavas Yojana क्या है, शहरी और ग्रामीण योजना में क्या अंतर है, कितनी सहायता मिलती है, कौन पात्र है, ऑनलाइन आवेदन कैसे करें और अपनी लिस्ट व स्टेटस कैसे चेक करें।
PM Aavas Yojana क्या है?
PM Aavas Yojana, जिसका पूरा नाम Pradhan Mantri Awas Yojana (PMAY) है, भारत सरकार की सबसे बड़ी आवास योजना है। यह योजना 2015 में Housing for All मिशन के तहत शुरू की गई थी, जिसका लक्ष्य हर पात्र परिवार को पक्का मकान देना है। PM Aavas Yojana दो हिस्सों में चलती है — शहरों के लिए PM Aavas Yojana Urban (PMAY-U) और गाँवों के लिए PM Aavas Yojana Gramin (PMAY-G)।
शहरी योजना को आवास और शहरी कार्य मंत्रालय (Ministry of Housing and Urban Affairs) चलाता है, जबकि ग्रामीण योजना ग्रामीण विकास मंत्रालय (Ministry of Rural Development) के तहत चलती है। PM Aavas Yojana 2026 में दोनों हिस्से अपने नए चरण में चल रहे हैं — शहरी तरफ PMAY-U 2.0 और ग्रामीण तरफ PMAY-G का दूसरा चरण।
PM Aavas Yojana 2026 एक नजर में
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| योजना का नाम | Pradhan Mantri Awas Yojana (PM Aavas Yojana) |
| शुरुआत | 2015, Housing for All मिशन |
| दो हिस्से | PMAY-Urban 2.0 (शहर) और PMAY-Gramin (गाँव) |
| शहरी लक्ष्य | 1 करोड़ अतिरिक्त परिवार (2024–2029) |
| ग्रामीण लक्ष्य | 2 करोड़ अतिरिक्त मकान (2024–25 से 2028–29) |
| शहरी आधिकारिक पोर्टल | pmaymis.gov.in और pmay-urban.gov.in |
| ग्रामीण आधिकारिक पोर्टल | pmayg.nic.in |
| आवेदन शुल्क | बिल्कुल मुफ्त, कोई फीस नहीं |
PM Aavas Yojana Urban 2.0 क्या है?
PM Aavas Yojana Urban 2.0 शहरी योजना का नया चरण है। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 9 अगस्त 2024 को इसे मंजूरी दी थी और यह 1 सितंबर 2024 से पाँच साल के लिए लागू है। इस चरण में 1 करोड़ शहरी परिवारों को मदद देने का लक्ष्य है, जिसके लिए ₹2.30 लाख करोड़ की सरकारी सहायता का प्रावधान है।
PM Aavas Yojana Urban 2.0 चार verticals के ज़रिए काम करती है। पहला है Beneficiary Led Construction (BLC), जिसमें अपने प्लॉट पर घर बनाने वाले पात्र परिवारों को सहायता मिलती है। दूसरा है Affordable Housing in Partnership (AHP), जिसमें सरकार की साझेदारी से सस्ते मकान बनाए जाते हैं। तीसरा है Affordable Rental Housing (ARH), जो किराए पर रहने वाले शहरी गरीबों के लिए है। चौथा और सबसे लोकप्रिय है Interest Subsidy Scheme (ISS), जिसमें होम लोन पर ब्याज सब्सिडी दी जाती है।
PM Aavas Yojana Urban 2.0 में Interest Subsidy Scheme (ISS) सबसे बड़ा फायदा है। इसके तहत पात्र परिवारों को होम लोन के पहले ₹8 लाख पर 4 प्रतिशत की ब्याज सब्सिडी मिलती है, जो 12 साल तक की अवधि के लिए गिनी जाती है। कुल अधिकतम सब्सिडी ₹1.80 लाख तक हो सकती है, जिसका Net Present Value ₹1.50 लाख है। यह सब्सिडी एक साथ नहीं मिलती, बल्कि 5 सालाना किस्तों में सीधे लोन खाते में भेजी जाती है।
PM Aavas Yojana Urban 2.0 की ISS सब्सिडी पाने के लिए कुछ शर्तें हैं। लोन 1 सितंबर 2024 या उसके बाद मंज़ूर और जारी हुआ होना चाहिए। लोन की राशि ₹25 लाख से ज़्यादा नहीं होनी चाहिए और मकान की कीमत ₹35 लाख से ज़्यादा नहीं होनी चाहिए। मकान का carpet area 120 वर्ग मीटर से ज़्यादा नहीं होना चाहिए। लोन की अवधि 5 साल से ज़्यादा होनी चाहिए। एक और ज़रूरी शर्त यह है कि सब्सिडी मिलने के बाद 5 साल तक मकान को बेचा या transfer नहीं किया जा सकता — यह 5 साल का lock-in period है।
BLC और AHP vertical में EWS परिवारों को केंद्र सरकार की ओर से ₹1.5 लाख की सहायता मिलती है। राज्य सरकार अपनी ओर से अलग से सहायता जोड़ सकती है, इसलिए कुल सहायता इससे ज़्यादा भी हो सकती है।
PM Aavas Yojana Gramin में कितनी सहायता मिलती है?
PM Aavas Yojana Gramin ग्रामीण परिवारों को अपना पक्का मकान बनाने के लिए सीधी आर्थिक सहायता देती है। मैदानी इलाकों में ₹1.20 लाख और पहाड़ी, पूर्वोत्तर राज्यों, जम्मू-कश्मीर व लद्दाख और IAP जिलों में ₹1.30 लाख की सहायता मिलती है। यह राशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में DBT के ज़रिए तीन किस्तों में भेजी जाती है — पहली किस्त ₹40,000, दूसरी किस्त ₹60,000 और तीसरी किस्त ₹20,000।
PM Aavas Yojana Gramin में मकान बनाने के अलावा भी कई फायदे मिलते हैं। स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत शौचालय बनाने के लिए ₹12,000 की अलग सहायता मिलती है। ग्रामीण रोजगार योजना के तहत मकान बनाने के काम में 90 से 95 दिन की मजदूरी का प्रावधान है। इसके अलावा ज़रूरत पड़ने पर ₹70,000 तक का लोन भी सामान्य ब्याज से 3 प्रतिशत कम दर पर लिया जा सकता है।
PM Aavas Yojana Gramin 1 अप्रैल 2016 से लागू है और इसने पुरानी इंदिरा आवास योजना की जगह ली थी। पहले चरण में 2.95 करोड़ मकानों का लक्ष्य था। 9 अगस्त 2024 को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 2024–25 से 2028–29 के लिए 2 करोड़ और मकानों को मंज़ूरी दी, जिसके लिए कुल ₹3,06,137 करोड़ का बजट रखा गया है। इसमें केंद्र सरकार का हिस्सा ₹2,05,856 करोड़ और राज्यों का हिस्सा ₹1,00,281 करोड़ है। इस तरह मार्च 2029 तक कुल 4.95 करोड़ ग्रामीण परिवारों को पक्का मकान देने का लक्ष्य है।
PM Aavas Yojana Gramin की प्रगति भी तेज़ है। राज्यसभा में दी गई जानकारी के अनुसार 3 अगस्त 2026 तक राज्यों को 4.18 करोड़ मकानों का लक्ष्य दिया गया था, जिनमें से 3.91 करोड़ मंज़ूर हो चुके थे, 3.12 करोड़ मकान पूरे हो चुके थे और 79 लाख मकान निर्माणाधीन थे। शहरी तरफ अक्टूबर 2026 तक 1.27 करोड़ मकान मंज़ूर और 1.01 करोड़ पूरे हो चुके थे, जिनमें PMAY-U 2.0 के तहत 20.80 लाख मकान भी शामिल हैं।
PM Aavas Yojana के लिए पात्रता क्या है?
PM Aavas Yojana की पात्रता शहरी और ग्रामीण के लिए अलग-अलग तय की गई है, लेकिन कुछ शर्तें दोनों में एक जैसी हैं। सबसे पहली शर्त यह है कि आवेदक या उसके परिवार के किसी भी सदस्य के नाम पर भारत में कहीं भी पक्का मकान नहीं होना चाहिए। परिवार का मतलब है पति, पत्नी और अविवाहित बच्चे।
PM Aavas Yojana Urban 2.0 में पात्रता आय के आधार पर तय होती है। EWS श्रेणी में वे परिवार आते हैं जिनकी सालाना आय ₹3 लाख तक है। LIG श्रेणी में ₹3 लाख से ₹6 लाख सालाना आय वाले परिवार आते हैं। MIG श्रेणी में ₹6 लाख से ₹9 लाख सालाना आय वाले परिवार आते हैं। पिछले 20 सालों में किसी भी सरकारी आवास योजना का लाभ ले चुके परिवार इस योजना में पात्र नहीं होते। मकान महिला सदस्य के नाम पर या पति-पत्नी के संयुक्त नाम पर होना चाहिए — महिला के नाम को प्राथमिकता दी जाती है।
PM Aavas Yojana Gramin में पात्रता SECC 2011 के आंकड़ों और Awaas+ सर्वे के आधार पर तय होती है। जो परिवार बेघर हैं या कच्चे मकान में रहते हैं, वे इस योजना के लिए चुने जाते हैं। SC/ST परिवारों, विधवाओं, दिव्यांग व्यक्तियों और अल्पसंख्यक समुदायों को प्राथमिकता दी जाती है। परिवार में कोई सरकारी कर्मचारी न हो और परिवार इनकम टैक्स न देता हो — ये भी पात्रता की शर्तें हैं। ग्राम सभा से सत्यापन के बाद ही नाम अंतिम सूची में आता है।
PM Aavas Yojana के लिए ज़रूरी दस्तावेज़
PM Aavas Yojana में आवेदन के लिए कुछ बुनियादी दस्तावेज़ तैयार रखें। आधार कार्ड सबसे ज़रूरी है और उससे जुड़ा मोबाइल नंबर भी होना चाहिए। आय प्रमाण पत्र से आपकी आय श्रेणी तय होती है। बैंक पासबुक या बैंक खाते का विवरण DBT के लिए चाहिए। निवास प्रमाण पत्र से पता चलता है कि आप किस शहर या गाँव में रहते हैं।
इसके अलावा पासपोर्ट साइज़ फोटो, जाति प्रमाण पत्र (अगर लागू हो), जमीन के कागज़ात (ग्रामीण योजना में), और शहरी योजना में मकान खरीदने पर property के कागज़ात भी लग सकते हैं। सभी दस्तावेज़ साफ और सही होने चाहिए, क्योंकि गलत जानकारी पर आवेदन रद्द हो सकता है।
PM Aavas Yojana Urban 2.0 में Online Apply कैसे करें?
PM Aavas Yojana Urban 2.0 में ऑनलाइन आवेदन करना आसान है। शहरी परिवार खुद ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं या नज़दीकी CSC केंद्र से मदद ले सकते हैं। PM Aavas Yojana Urban 2.0 में आवेदन 2029 तक खुले रहेंगे।
- सबसे पहले आधिकारिक पोर्टल pmaymis.gov.in पर जाएँ। यही PM Aavas Yojana Urban 2.0 का Unified Web Portal है।
- होमपेज पर Apply for PMAY-U 2.0 या Eligibility Check का विकल्प चुनें।
- अब अपनी पात्रता जाँचें। पोर्टल पहले आपकी पात्रता जाँचेगा और उसके बाद ही आवेदन फॉर्म खुलेगा।
- आधार नंबर डालकर OTP से सत्यापन करें।
- अब आवेदन फॉर्म में अपनी व्यक्तिगत जानकारी, परिवार का विवरण, आय श्रेणी, बैंक खाता और पता भरें।
- ज़रूरी दस्तावेज़ अपलोड करें।
- फॉर्म जमा करें और मिलने वाला Application Number संभालकर रखें। इसी नंबर से आप बाद में अपना स्टेटस चेक कर सकेंगे।
आवेदन जमा करने के बाद नगर निगम या संबंधित प्राधिकरण आपके आवेदन का सत्यापन करता है और Geo-tagging की प्रक्रिया होती है। सत्यापन पूरा होने के बाद ही सहायता जारी होती है। सिर्फ आवेदन जमा कर देने से सहायता की गारंटी नहीं मिलती।
PM Aavas Yojana Gramin में आवेदन कैसे करें?
PM Aavas Yojana Gramin में आवेदन की प्रक्रिया शहरी योजना से बिल्कुल अलग है और यह बात जानना बहुत ज़रूरी है। ग्रामीण योजना में कोई सार्वजनिक ऑनलाइन फॉर्म नहीं है। नए परिवार Awaas+ सर्वे के ज़रिए ही योजना में जुड़ते हैं।
Awaas+ 2024 सर्वे 15 जनवरी 2025 से शुरू हुआ था। यह सर्वे AwaasPlus 2024 मोबाइल ऐप पर होता है, जिसमें आधार face authentication से सत्यापन किया जाता है। आप खुद भी self-survey कर सकते हैं या अपने गाँव के सर्वेक्षक, ग्राम पंचायत, ब्लॉक कार्यालय या नज़दीकी CSC केंद्र से सर्वे करवा सकते हैं। सर्वे के बाद ग्राम सभा से सत्यापन होता है और पात्र पाए जाने पर आपका नाम सूची में जुड़ जाता है।
अगर आपके गाँव में सर्वे की विंडो खुली हुई है, तो जल्द से जल्द अपना सर्वे पूरा कराएँ। सर्वे की विंडो राज्यों में अलग-अलग समय पर खुलती है, इसलिए ताज़ा स्थिति pmayg.nic.in पर चेक करते रहें।
PM Aavas Yojana List और Status कैसे चेक करें?
PM Aavas Yojana में अपना नाम या आवेदन का स्टेटस चेक करना आसान है। ग्रामीण योजना की लाभार्थी सूची देखने के लिए rhreporting.nic.in पर जाएँ और वहाँ Beneficiary Search में अपना registration number डालें। आप अपने राज्य, जिला, ब्लॉक और गाँव के हिसाब से भी सूची देख सकते हैं।
शहरी योजना में आवेदन का स्टेटस चेक करने के लिए pmaymis.gov.in पर Track Application का विकल्प है। इसमें अपना Application Number डालकर आप जान सकते हैं कि आपका आवेदन किस चरण में है — सत्यापन लंबित है, मंज़ूर हुआ है या सहायता जारी हुई है।
PM Aavas Yojana में होने वाली आम गलतियाँ
PM Aavas Yojana में आवेदन करते समय कुछ गलतियाँ लोग बार-बार करते हैं। पहली गलती है गलत पोर्टल पर आवेदन करना। सिर्फ pmaymis.gov.in, pmay-urban.gov.in और pmayg.nic.in ही आधिकारिक पोर्टल हैं। इनके अलावा कोई भी वेबसाइट सरकारी नहीं है।
दूसरी गलती है किसी एजेंट या दलाल को पैसे देना। PM Aavas Yojana में आवेदन पूरी तरह मुफ्त है। कोई भी व्यक्ति अगर आवेदन के नाम पर पैसे माँगे, तो समझ लें कि वह ठग है। तीसरी गलती है गलत जानकारी भरना — आय, पता या परिवार का विवरण गलत होने पर आवेदन रद्द हो जाता है। चौथी गलती है ग्रामीण योजना में ऑनलाइन फॉर्म खोजना। ग्रामीण योजना में फॉर्म नहीं होता, सिर्फ सर्वे होता है। पाँचवीं गलती है पुरानी जानकारी पर भरोसा करना — पुरानी CLSS सब्सिडी 31 मार्च 2022 को बंद हो चुकी है, अब PMAY-U 2.0 में ISS सब्सिडी मिलती है।
धोखाधड़ी से सावधान रहें। सरकार कभी भी SMS या WhatsApp पर आवेदन का लिंक नहीं भेजती। सिर्फ आधिकारिक पोर्टल का ही इस्तेमाल करें और अपना OTP या बैंक विवरण किसी के साथ साझा न करें।
PM Aavas Yojana से जुड़े ज़रूरी लिंक
- PMAY-Urban 2.0 आधिकारिक पोर्टल — pmaymis.gov.in
- PMAY-Urban आधिकारिक वेबसाइट — pmay-urban.gov.in
- PMAY-Gramin आधिकारिक पोर्टल — pmayg.nic.in
- PMAY-Gramin लाभार्थी सूची — rhreporting.nic.in
- आवास और शहरी कार्य मंत्रालय — mohua.gov.in
- ग्रामीण विकास मंत्रालय — rural.nic.in
PM Aavas Yojana 2026 — अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
प्रश्न 1 — PM Aavas Yojana 2026 में ऑनलाइन आवेदन कैसे करें?
उत्तर — शहरी परिवार pmaymis.gov.in पर जाकर Apply for PMAY-U 2.0 से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। ग्रामीण परिवारों के लिए कोई ऑनलाइन फॉर्म नहीं है, वे Awaas+ 2024 सर्वे के ज़रिए जुड़ते हैं।
प्रश्न 2 — PM Aavas Yojana में कितनी सहायता मिलती है?
उत्तर — ग्रामीण योजना में मैदानी इलाकों में ₹1.20 लाख और पहाड़ी इलाकों में ₹1.30 लाख मिलते हैं। शहरी योजना में ISS के तहत होम लोन पर अधिकतम ₹1.80 लाख की ब्याज सब्सिडी और BLC/AHP में ₹1.5 लाख की सहायता मिलती है।
प्रश्न 3 — PM Aavas Yojana के लिए कौन पात्र है?
उत्तर — वे परिवार जिनके नाम पर भारत में कहीं भी पक्का मकान नहीं है। शहरी योजना में सालाना आय ₹9 लाख तक होनी चाहिए और ग्रामीण योजना में SECC 2011 या Awaas+ सर्वे में नाम होना चाहिए।
प्रश्न 4 — PM Aavas Yojana में आवेदन की आखिरी तारीख क्या है?
उत्तर — शहरी योजना PMAY-U 2.0 में आवेदन 2029 तक खुले रहेंगे। ग्रामीण योजना में Awaas+ सर्वे की विंडो राज्यों में अलग-अलग समय पर खुलती है, इसलिए pmayg.nic.in पर ताज़ा स्थिति चेक करें।
प्रश्न 5 — PM Aavas Yojana की लिस्ट में अपना नाम कैसे चेक करें?
उत्तर — ग्रामीण सूची rhreporting.nic.in पर Beneficiary Search से और शहरी आवेदन का स्टेटस pmaymis.gov.in पर Track Application से चेक किया जा सकता है।
प्रश्न 6 — क्या PM Aavas Yojana में आवेदन के लिए कोई फीस लगती है?
उत्तर — नहीं, PM Aavas Yojana में आवेदन पूरी तरह मुफ्त है। अगर कोई आवेदन के नाम पर पैसे माँगे, तो वह धोखाधड़ी है — उसकी शिकायत नज़दीकी थाने या साइबर हेल्पलाइन पर करें।