जमीन से जुड़ा कोई भी काम हो — लोन लेना हो, जमीन खरीदनी-बेचनी हो, नामांतरण (Mutation) कराना हो या सरकारी योजना का लाभ लेना हो — सबसे पहले जिस कागज की जरूरत पड़ती है, वह है खसरा खतौनी। पहले इसके लिए तहसील और लेखपाल के चक्कर लगाने पड़ते थे, लेकिन अब उत्तर प्रदेश सरकार के UP Bhulekh पोर्टल से आप घर बैठे अपने मोबाइल से ही खसरा खतौनी कैसे देखें (khasra khatauni kaise dekhe), यह कुछ ही मिनटों में जान सकते हैं। इस लेख में eonblog आपको UP Bhulekh से खसरा खतौनी ऑनलाइन देखने, डाउनलोड करने, भू-नक्शा निकालने और प्रमाणित प्रति (Certified Copy) लेने की पूरी प्रक्रिया स्टेप-बाय-स्टेप बताएगा।
खसरा खतौनी क्या है (Khasra Khatauni Kya Hai)
खसरा खतौनी जमीन का सबसे महत्वपूर्ण राजस्व दस्तावेज है, जिसे अधिकार अभिलेख (Record of Rights) भी कहा जाता है। इसमें यह दर्ज होता है कि किसी गाँव में किस खाते में कौन-कौन से खसरे (प्लॉट) हैं, उनका क्षेत्रफल कितना है, जमीन किसके नाम है और उस पर किस तरह का अधिकार है।
खसरा (Khasra/Gata) जमीन के एक टुकड़े यानी प्लॉट का नंबर होता है। गाँव की हर जमीन को एक अलग खसरा नंबर दिया जाता है, जिसे यूपी में गाटा संख्या भी कहा जाता है। खतौनी (Khatauni) एक खाते से जुड़े सभी खसरों की पूरी सूची होती है — यानी एक मालिक के नाम पर जितनी जमीन है, वह सब एक खतौनी में दर्ज रहती है। खाता संख्या (Khata Number) वह नंबर है, जिसके तहत किसी व्यक्ति या परिवार की जमीन का हिसाब रखा जाता है।
| शब्द | मतलब | कहाँ मिलता है |
|---|---|---|
| खसरा / गाटा संख्या | जमीन के एक प्लॉट का नंबर | खतौनी में, भू-नक्शे पर |
| खाता संख्या | मालिक के खाते का नंबर | खतौनी के ऊपर |
| खतौनी | एक खाते के सभी खसरों की सूची | अधिकार अभिलेख (Record of Rights) |
| खातेदार | जमीन का मालिक या सह-मालिक | खतौनी में नाम के रूप में |
| फसली वर्ष | राजस्व वर्ष, 1 जुलाई से 30 जून | खतौनी तैयार करने का आधार |
खसरा खतौनी की जरूरत किन कामों में पड़ती है, यह जानना भी जरूरी है — और खसरा खतौनी कैसे देखें (khasra khatauni kaise dekhe), यह जानने के बाद आप इन सभी कामों के लिए तैयार रहेंगे। बैंक से लोन लेते समय, जमीन की खरीद-बिक्री करते समय, नामांतरण कराते समय, कोर्ट केस में, फसल नुकसान का मुआवजा माँगते समय और पीएम-किसान या किसान रजिस्ट्री जैसे कामों में खसरा खतौनी माँगी जाती है। इसलिए हर किसान और जमीन मालिक को यह जानना चाहिए कि खसरा खतौनी कैसे देखें (khasra khatauni kaise dekhe)।
UP Bhulekh क्या है (UP Bhulekh Kya Hai)
UP Bhulekh उत्तर प्रदेश सरकार के राजस्व परिषद (Board of Revenue) द्वारा संचालित आधिकारिक डिजिटल पोर्टल है, जिसकी तकनीकी मदद राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (NIC) करता है। इसकी आधिकारिक वेबसाइट upbhulekh.gov.in है। इस पोर्टल पर राज्य के सभी 75 जिलों और 350 से अधिक तहसीलों की जमीन का रिकॉर्ड ऑनलाइन उपलब्ध है।
UP Bhulekh पोर्टल भारत सरकार के डिजिटल इंडिया भूमि अभिलेख आधुनिकीकरण कार्यक्रम (DILRMP) के तहत चलता है। यह कार्यक्रम 2008 में राष्ट्रीय भूमि अभिलेख आधुनिकीकरण कार्यक्रम के रूप में शुरू हुआ था और 1 अप्रैल 2016 से यह पूरी तरह केंद्र सरकार द्वारा वित्तपोषित है। आज यह कार्यक्रम देश के सभी 28 राज्यों और 8 केंद्र शासित प्रदेशों में लागू है।
UP Bhulekh पर खसरा खतौनी कैसे देखें (khasra khatauni kaise dekhe) — यह सेवा पूरी तरह मुफ्त है और इसके लिए कोई लॉगिन या रजिस्ट्रेशन नहीं चाहिए। आप बिना अकाउंट बनाए सीधे अपनी जमीन का रिकॉर्ड देख और डाउनलोड कर सकते हैं। लेकिन एक बात ध्यान रखें — पोर्टल से मिलने वाली नकल केवल जानकारी के लिए होती है। कोर्ट या बैंक जैसे कानूनी कामों के लिए तहसील से प्रमाणित प्रति (Certified Copy) लेनी होती है, जिसके बारे में आगे विस्तार से बताया गया है।
खसरा खतौनी कैसे देखें — खसरा/गाटा संख्या से (Khasra Khatauni Kaise Dekhe — Khasra Number Se)
खसरा खतौनी कैसे देखें, इसका सबसे आसान और भरोसेमंद तरीका खसरा/गाटा संख्या से खोजना है। अगर आपको अपनी जमीन का खसरा नंबर पता है, तो नीचे दिए गए स्टेप्स अपनाएँ।
Step 1: सबसे पहले अपने मोबाइल या कंप्यूटर के ब्राउज़र में upbhulekh.gov.in खोलें।
Step 2: होमपेज पर “खतौनी (अधिकार अभिलेख) की नकल देखें” के विकल्प पर क्लिक करें।
Step 3: स्क्रीन पर दिख रहा कैप्चा कोड भरें और Submit बटन दबाएँ।
Step 4: अब ड्रॉप-डाउन से अपना जनपद (जिला) चुनें, फिर तहसील चुनें और फिर अपना ग्राम (गाँव) चुनें। गाँव का पहला अक्षर टाइप करने से सूची छँट जाती है, जिससे गाँव जल्दी मिल जाता है।
Step 5: खोज का तरीका चुनें — “खसरा/गाटा संख्या द्वारा खोजें” पर टिक करें।
Step 6: अपना खसरा/गाटा नंबर डालें और खोजें बटन दबाएँ।
Step 7: स्क्रीन पर उस खसरे से जुड़े खातेदारों की सूची आएगी। अपना सही नाम चुनें और “उद्धरण देखें” पर क्लिक करें।
Step 8: आपकी खतौनी स्क्रीन पर खुल जाएगी। ब्राउज़र के प्रिंट या सेव विकल्प से इसे PDF में डाउनलोड या प्रिंट कर लें।
खसरा नंबर से खोज इसलिए सबसे अच्छी मानी जाती है, क्योंकि नाम से खोजने पर अक्सर दिक्कत आती है — रिकॉर्ड में नाम की हिंदी स्पेलिंग थोड़ी अलग हो सकती है। अगर खसरा नंबर पता हो, तो सीधे उसी से खोजें।
खाता संख्या से खसरा खतौनी कैसे देखें (Khasra Khatauni Kaise Dekhe — Khata Number Se)
अगर आपको खसरा नंबर नहीं पता, लेकिन खाता संख्या पता है, तो भी आप आसानी से खसरा खतौनी कैसे देखें (khasra khatauni kaise dekhe), यह जान सकते हैं। प्रक्रिया लगभग वही है, बस खोज का तरीका बदल जाता है।
Step 1: upbhulekh.gov.in खोलें और “खतौनी (अधिकार अभिलेख) की नकल देखें” पर क्लिक करें।
Step 2: कैप्चा भरकर जिला, तहसील और गाँव चुनें।
Step 3: इस बार “खाता संख्या द्वारा खोजें” का विकल्प चुनें।
Step 4: अपनी खाता संख्या डालें और खोजें दबाएँ।
Step 5: उस खाते से जुड़ी खतौनी खुल जाएगी, जिसमें उस खाते के सभी खसरे, उनका क्षेत्रफल और खातेदारों के नाम दिखेंगे। “उद्धरण देखें” पर क्लिक करके पूरी नकल देखें और डाउनलोड करें।
खाता संख्या पुरानी खतौनी, रसीद या तहसील के कागजों पर मिल जाती है। अगर खाता संख्या भी नहीं पता, तो नाम से खोजने का तरीका अपनाएँ।
नाम से खसरा खतौनी कैसे देखें (Khasra Khatauni Kaise Dekhe — Naam Se)
अगर आपको न खसरा नंबर पता है और न खाता संख्या, तो भी घबराने की जरूरत नहीं है। UP Bhulekh पोर्टल खातेदार के नाम से भी खसरा खतौनी खोजने की सुविधा देता है।
Step 1: upbhulekh.gov.in खोलें और “खतौनी (अधिकार अभिलेख) की नकल देखें” चुनें।
Step 2: कैप्चा भरकर जिला, तहसील और गाँव चुनें।
Step 3: “खातेदार के नाम द्वारा खोजें” का विकल्प चुनें।
Step 4: नाम के शुरुआती कुछ अक्षर टाइप करें और खोजें दबाएँ।
Step 5: मिलते-जुलते नामों की सूची आएगी। अपना सही नाम और पिता का नाम देखकर सही एंट्री चुनें।
Step 6: “उद्धरण देखें” पर क्लिक करें — आपकी खतौनी खुल जाएगी।
नाम से खोजते समय एक बात का ध्यान रखें: रिकॉर्ड में नाम की स्पेलिंग आपके आधार कार्ड से थोड़ी अलग हो सकती है, जैसे “राम” की जगह “रामु” या “मोहम्मद” की जगह “मो.” लिखा हो सकता है। ऐसे में नाम के सिर्फ पहले दो-तीन अक्षर डालकर खोजें, फिर सूची में से सही नाम पहचानें।
Real Time खतौनी क्या है (Khasra Khatauni Kaise Dekhe — Real Time)
UP Bhulekh पर दो तरह की खतौनी दिखती है — सामान्य खतौनी और रियल टाइम खतौनी। सामान्य खतौनी फसली वर्ष के हिसाब से तैयार होती है, जबकि रियल टाइम खतौनी आपके रिकॉर्ड का सबसे ताजा संस्करण होती है, जिसमें हाल ही में हुए नामांतरण (Mutation) और मालिकाना बदलाव जल्दी दिख जाते हैं।
रियल टाइम खतौनी देखने के लिए कोई अलग बटन नहीं है। जिला, तहसील और गाँव चुनने के बाद ऊपर “वर्तमान खतौनी/पुरानी फसली वर्ष” में “वर्तमान खतौनी” चुनें — यही आपकी रियल टाइम खतौनी है। इसमें लाल रंग की खसरा संख्या पर क्लिक करने से उस प्लॉट का भू-नक्शा, वाद ग्रस्त (Court Case) स्थिति और अन्य जानकारी भी खुल जाती है।
अगर सिर्फ यह देखना है कि रिकॉर्ड में क्या लिखा है, तो रियल टाइम खतौनी देखें। लेकिन जमीन की खरीद-बिक्री या कोर्ट के काम के लिए सामान्य खतौनी की प्रमाणित प्रति ही काम आती है।
भू-नक्शा (Bhu Naksha) कैसे देखें (Khasra Khatauni Kaise Dekhe)
खसरा खतौनी के साथ-साथ जमीन का नक्शा देखना भी कई बार जरूरी होता है — जैसे यह जानना कि आपका प्लॉट कहाँ है और उसकी सीमाएँ क्या हैं। UP में भू-नक्शा देखने के लिए अलग पोर्टल है — upbhunaksha.gov.in।
Step 1: upbhunaksha.gov.in खोलें।
Step 2: जिला, तहसील और गाँव चुनें।
Step 3: अपना खसरा/गाटा नंबर डालें या नक्शे पर अपने प्लॉट पर क्लिक करें।
Step 4: आपके प्लॉट की सीमाएँ, क्षेत्रफल और आस-पास के प्लॉट नक्शे पर दिख जाएँगे। इसे डाउनलोड या प्रिंट भी कर सकते हैं।
ध्यान रखें कि भू-नक्शा भी जानकारी के लिए होता है। जमीन की पैमाइश (Measurement) के लिए तहसील या लेखपाल से ही आधिकारिक पैमाइश करानी पड़ती है।
खसरा खतौनी की प्रमाणित प्रति (Certified Copy) कैसे लें (Khasra Khatauni Kaise Dekhe)
ऑनलाइन देखी गई खतौनी पर लिखा होता है कि यह केवल जानकारी के लिए है। बैंक लोन, कोर्ट केस या रजिस्ट्री जैसे कानूनी कामों के लिए प्रमाणित प्रति चाहिए होती है। इसे दो तरीकों से ले सकते हैं।
पहला तरीका — ऑनलाइन: UP Bhulekh पोर्टल पर ही प्रमाणित प्रति लेने का विकल्प है। रिकॉर्ड चुनकर ऑनलाइन भुगतान करें और डिजिटल हस्ताक्षर वाली प्रमाणित प्रति डाउनलोड करें। पोर्टल पर शुल्क लगभग ₹15 प्रति नकल बताया गया है — भुगतान के समय राशि जरूर जाँच लें। एक मोबाइल नंबर से महीने में अधिकतम 10 सफल भुगतान किए जा सकते हैं।
दूसरा तरीका — तहसील से: अपनी तहसील के कंप्यूटर केंद्र, जन सेवा केंद्र (CSC) या लोकवाणी केंद्र पर जाकर आवेदन करें। शुल्क आमतौर पर ₹10 से ₹50 प्रति पेज होता है। कुछ जिलों में यह शुल्क अलग भी हो सकता है, इसलिए तहसील में ही सही राशि पूछ लें।
एक और तरीका e-Sathi पोर्टल (esathi.up.gov.in) है, जहाँ से डिजिटल हस्ताक्षर वाली खतौनी की नकल ऑनलाइन प्राप्त की जा सकती है। सामान्य जानकारी के लिए सीधे UP Bhulekh पोर्टल ही सबसे आसान है।
अन्य राज्यों में खसरा खतौनी कैसे देखें (Khasra Khatauni Kaise Dekhe — Other States)
उत्तर प्रदेश के अलावा हर राज्य का अपना अलग भूमि अभिलेख पोर्टल है। अगर आपकी जमीन किसी और राज्य में है, तो नीचे दी गई सूची से अपने राज्य का पोर्टल चुनें।
| राज्य | पोर्टल | रिकॉर्ड का नाम |
|---|---|---|
| उत्तर प्रदेश | upbhulekh.gov.in | खतौनी (Khatauni) |
| मध्य प्रदेश | mpbhulekh.gov.in | खसरा, B-1, P-2 |
| बिहार | biharbhumi.bihar.gov.in | जमाबंदी (Jamabandi) |
| राजस्थान | apnakhata.rajasthan.gov.in | जमाबंदी / नकल |
| हरियाणा | jamabandi.nic.in | जमाबंदी / फर्द |
| पंजाब | jamabandi.punjab.gov.in | जमाबंदी |
| महाराष्ट्र | bhulekh.mahabhumi.gov.in | 7/12 उतारा |
| कर्नाटक | landrecords.karnataka.gov.in | RTC / Bhoomi |
| ओडिशा | bhulekh.ori.nic.in | RoR |
मध्य प्रदेश में MP Bhulekh पोर्टल पर 55 जिलों के खसरा, B-1 और P-2 रिकॉर्ड मुफ्त देखे जा सकते हैं। बिहार में जमाबंदी देखने के लिए biharbhumi.bihar.gov.in पर खाता और खेसरा संख्या से खोज की जाती है। राजस्थान में अपनाखाता पोर्टल पर जमाबंदी की नकल मिलती है। सभी राज्यों में ऑनलाइन देखना मुफ्त है, सिर्फ प्रमाणित प्रति के लिए शुल्क लगता है।
खतौनी में क्या-क्या जानकारी होती है (Khasra Khatauni Kaise Dekhe)
खतौनी खोलने पर आपको कई कॉलम दिखेंगे। इनका मतलब समझना जरूरी है, ताकि आप अपनी जमीन का रिकॉर्ड सही से पढ़ सकें।
| कॉलम | मतलब |
|---|---|
| खाता संख्या | मालिक के खाते का नंबर |
| खातेदार का नाम | जमीन के मालिक का नाम |
| पिता/पति का नाम | खातेदार के पिता या पति का नाम |
| खसरा/गाटा संख्या | प्लॉट का नंबर |
| क्षेत्रफल | जमीन का रकबा (हेक्टेयर में) |
| भूमि का प्रकार | कृषि, आवासीय, बंजर आदि |
| सिंचाई का साधन | नहर, नलकूप, वर्षा आधारित |
| नामांतरण विवरण | आखिरी बार कब और कैसे नाम बदला |
| बंधक (Mortgage) | जमीन पर लोन है या नहीं |
अगर खतौनी में कोई गलती दिखे — जैसे नाम की स्पेलिंग गलत हो, क्षेत्रफल गलत हो या किसी और का नाम चढ़ा हो — तो तुरंत अपने तहसील के लेखपाल या राजस्व निरीक्षक से संपर्क करें। ऑनलाइन रिकॉर्ड में गलती सुधारने के लिए तहसील में आवेदन देना होता है।
खसरा खतौनी देखते समय आम समस्याएँ और समाधान (Khasra Khatauni Kaise Dekhe)
समस्या 1: गाँव का नाम सूची में नहीं मिल रहा — हो सकता है कि आपका गाँव चकबंदी (Consolidation) या सर्वे के दायरे में हो। ऐसे में रिकॉर्ड ऑनलाइन उपलब्ध नहीं होता। तहसील या चकबंदी कार्यालय से संपर्क करें।
समस्या 2: नाम से खोजने पर रिकॉर्ड नहीं मिल रहा — नाम की स्पेलिंग अलग हो सकती है। नाम के सिर्फ पहले दो अक्षर डालकर खोजें, या खसरा/गाटा नंबर से खोजें।
समस्या 3: खतौनी में पुराना नाम दिख रहा है — इसका मतलब है कि नामांतरण अभी अपडेट नहीं हुआ है। तहसील में नामांतरण की स्थिति जाँचें और जरूरत हो तो नामांतरण के लिए आवेदन करें।
समस्या 4: पोर्टल खुल नहीं रहा या कैप्चा नहीं दिख रहा — कुछ देर बाद फिर कोशिश करें, या किसी दूसरे ब्राउज़र से खोलें। रात में पोर्टल पर ट्रैफिक कम होता है।
समस्या 5: खसरा नंबर पता नहीं है — अपने गाँव के लेखपाल से पूछें, या भू-नक्शा (upbhunaksha.gov.in) पर अपने प्लॉट पर क्लिक करके खसरा नंबर जानें।
फर्जी वेबसाइटों से सावधान रहें
खसरा खतौनी से जुड़ी कई फर्जी वेबसाइटें इंटरनेट पर चल रही हैं। याद रखें — UP Bhulekh की एकमात्र आधिकारिक वेबसाइट upbhulekh.gov.in है। upbhulekh.com, upbhulekh.net, upbhulekh.in या upbhulekh.org जैसी वेबसाइटें सरकारी नहीं हैं।
कुछ फर्जी साइटें खतौनी दिखाने के नाम पर पैसे माँगती हैं या आपका मोबाइल नंबर और OTP ले लेती हैं। सरकारी पोर्टल पर खसरा खतौनी देखना पूरी तरह मुफ्त है और कभी OTP नहीं माँगा जाता। अगर कोई साइट पैसे माँगे या OTP माँगे, तो तुरंत उससे बाहर निकल जाएँ और साइबर अपराध हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत करें।
महत्वपूर्ण लिंक (Important Links)
| सेवा | आधिकारिक पोर्टल |
|---|---|
| UP Bhulekh — खतौनी देखें | upbhulekh.gov.in |
| UP भू-नक्शा | upbhunaksha.gov.in |
| e-Sathi — डिजिटल हस्ताक्षरित नकल | esathi.up.gov.in |
| MP Bhulekh | mpbhulekh.gov.in |
| बिहार भूमि — जमाबंदी | biharbhumi.bihar.gov.in |
| राजस्थान अपनाखाता | apnakhata.rajasthan.gov.in |
| हरियाणा जमाबंदी | jamabandi.nic.in |
| महाराष्ट्र भूलेख — 7/12 | bhulekh.mahabhumi.gov.in |
| राजस्व परिषद, यूपी — हेल्पलाइन | 0522-2217145 |
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
प्रश्न 1: खसरा खतौनी ऑनलाइन देखना मुफ्त है या पैसे लगते हैं?
उत्तर: खसरा खतौनी ऑनलाइन देखना और डाउनलोड करना पूरी तरह मुफ्त है। UP Bhulekh पोर्टल पर इसके लिए कोई शुल्क नहीं है और न ही लॉगिन चाहिए। सिर्फ प्रमाणित प्रति (Certified Copy) के लिए शुल्क लगता है, जो ऑनलाइन लगभग ₹15 प्रति नकल है।
प्रश्न 2: खसरा खतौनी कैसे देखें अगर खसरा नंबर पता न हो?
उत्तर: अगर खसरा नंबर नहीं पता, तो खाता संख्या से या खातेदार के नाम से खोज सकते हैं। नाम से खोजते समय नाम के शुरुआती अक्षर डालें और सूची में से सही नाम चुनें। खसरा नंबर लेखपाल से या भू-नक्शा पोर्टल से भी पता किया जा सकता है।
प्रश्न 3: ऑनलाइन खतौनी कोर्ट या बैंक में मान्य है?
उत्तर: नहीं, पोर्टल से डाउनलोड की गई खतौनी केवल जानकारी के लिए होती है। कोर्ट, बैंक लोन या रजिस्ट्री के लिए तहसील से प्रमाणित प्रति या पोर्टल से डिजिटल हस्ताक्षर वाली प्रमाणित प्रति लेनी होती है।
प्रश्न 4: खतौनी में नाम गलत हो तो क्या करें?
उत्तर: खतौनी में नाम, क्षेत्रफल या खसरा नंबर की गलती हो तो अपने तहसील के लेखपाल या राजस्व निरीक्षक से संपर्क करें। सुधार के लिए तहसील में आवेदन देना होता है, जिसके बाद जाँच करके रिकॉर्ड सुधारा जाता है।
प्रश्न 5: रियल टाइम खतौनी और सामान्य खतौनी में क्या अंतर है?
उत्तर: रियल टाइम खतौनी रिकॉर्ड का सबसे ताजा संस्करण होती है, जिसमें हाल के नामांतरण तुरंत दिख जाते हैं। सामान्य खतौनी फसली वर्ष (1 जुलाई–30 जून) के हिसाब से तैयार होती है। जानकारी देखने के लिए रियल टाइम और कानूनी काम के लिए प्रमाणित प्रति बेहतर है।
प्रश्न 6: दूसरे राज्य की जमीन की खतौनी कैसे देखें?
उत्तर: हर राज्य का अपना पोर्टल है — मध्य प्रदेश के लिए mpbhulekh.gov.in, बिहार के लिए biharbhumi.bihar.gov.in, राजस्थान के लिए apnakhata.rajasthan.gov.in, हरियाणा के लिए jamabandi.nic.in और महाराष्ट्र के लिए bhulekh.mahabhumi.gov.in। अपने राज्य का पोर्टल खोलकर वही प्रक्रिया अपनाएँ।
निष्कर्ष
खसरा खतौनी कैसे देखें (khasra khatauni kaise dekhe), यह अब कोई मुश्किल काम नहीं रहा। UP Bhulekh पोर्टल upbhulekh.gov.in से आप बिना तहसील जाए, बिना कोई पैसा खर्च किए, अपनी जमीन का पूरा रिकॉर्ड देख और डाउनलोड कर सकते हैं। खसरा नंबर, खाता संख्या या नाम — इन तीनों में से किसी भी एक से खोज की जा सकती है। भू-नक्शा के लिए upbhunaksha.gov.in और प्रमाणित प्रति के लिए पोर्टल का ऑनलाइन विकल्प या तहसील का रास्ता अपनाएँ।
एक बात हमेशा याद रखें — ऑनलाइन नकल सिर्फ जानकारी के लिए है, कानूनी कामों के लिए प्रमाणित प्रति लें और फर्जी वेबसाइटों से दूर रहें। अगर इस लेख से आपकी जमीन का रिकॉर्ड निकालने में मदद मिली हो, तो इसे अपने परिवार और गाँव के लोगों के साथ जरूर साझा करें, ताकि हर किसान घर बैठे अपनी खतौनी देख सके।